हल्द्वानी: बनभूलपुरा कांड की जांच को लेकर पुलिस प्रशासन एक बार फिर सख्त रुख में नजर आ रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने मामले की जांच में तेजी लाने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उनके निर्देश पर एसपी सिटी मनोज कत्याल, सीओ हल्द्वानी अमित सैनी, कोतवाल हल्द्वानी और बनभूलपुरा थाना पुलिस को विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अब सर्विलांस और वीडियो फुटेज के आधार पर दंगा और उपद्रव करने वाले लोगों की दोबारा पहचान करने में जुटी है और चिन्हित आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। इसी बीच मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम भी सामने आया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब की डिफॉल्ट जमानत को खारिज कर दिया है। राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को दो सप्ताह के भीतर जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि 8 फरवरी को बनभूलपुरा क्षेत्र में हुई हिंसा में नगर निगम और पुलिस के कई कर्मचारी घायल हो गए थे, जबकि उपद्रवियों ने पुलिस की पिस्टल छीन ली थी और सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। घटना के बाद से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश और जांच में जुटी हुई है और प्रशासन का कहना है कि जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।
बनभूलपुरा कांड: जांच तेज, सुप्रीम कोर्ट सख्त—आरोपियों पर कसा शिकंजा
