हल्द्वानी। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। पिछले वर्ष दीपावली के दौरान लिए गए घी, मसाले, मिठाई, दूध और सब्जियों समेत 211 खाद्य सैंपलों की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं मिल सकी है। जबकि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार जांच रिपोर्ट 14 दिनों के भीतर सार्वजनिक की जानी चाहिए।
जानकारी के मुताबिक संसाधनों की कमी के चलते जांच प्रक्रिया में लगातार देरी हो रही है। रुद्रपुर स्थित प्रयोगशाला की ओर से अब जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की अवधि करीब 240 दिन तय की जा रही है, जिससे मिलावट की जांच प्रभावित हो रही है।
खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहारों और विशेष अवसरों पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की आशंका को देखते हुए अभियान चलाकर सैंपलिंग करता है। पिछले एक वर्ष में जिले में कुल 383 खाद्य सैंपल लिए गए, जिनमें से अब तक 172 की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें 14 सैंपल अधोमानक पाए गए हैं।
वहीं गर्मी के मौसम को देखते हुए विभाग ने इस महीने भी अभियान जारी रखते हुए 53 खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक खाद्य सुरक्षा अधिकारी को हर माह 10 सैंपल लेना अनिवार्य है, लेकिन जिले के दो अधिकारियों ने तय लक्ष्य से अधिक सैंपलिंग की है।
30 अप्रैल को दीपावली के दौरान लिए गए 16 सैंपलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिनमें सभी नमूने शुद्ध पाए गए हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एएस रावत ने बताया कि जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लगातार सैंपलिंग की जा रही है। सभी नमूने जांच के लिए रुद्रपुर प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। तय समय में रिपोर्ट न मिलने पर प्रयोगशाला की ओर से सात से आठ माह की अतिरिक्त अवधि तय करते हुए पत्र जारी किया जाता है।
