
हल्द्वानी: नैनीताल पुलिस ने अमानवीय कृत्य के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला थाना मुखानी क्षेत्र का है, जहाँ 2 नवंबर 2025 को वादी गिरीश चंद्र पांडे पुत्र रमेश पांडे निवासी आरटीओ रोड मुखानी ने थाने में तहरीर दी कि 31 अक्टूबर की रात एक अज्ञात व्यक्ति ने मैदान में विश्राम कर रहे गोवंश के साथ अमानवीय एवं अप्राकृतिक कृत्य किया है। इस पर थाना मुखानी में एफआईआर संख्या 237/25, धारा 299 बीएनएस एवं 11 पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत अज्ञात अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल मंजुनाथ टी.सी. ने तत्काल आरोपी की शिनाख्त और गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उनके आदेश पर पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कत्याल के पर्यवेक्षण में, क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी नितिन लोहनी और थानाध्यक्ष मुखानी दिनेश जोशी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों से लेकर दिल्ली तक के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से अवलोकन किया।
पुलिस टीम को सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया, जिसकी गतिविधियाँ संदिग्ध पाई गईं। स्थानीय लोगों की मदद से उस युवक की पहचान की गई, लेकिन पुलिस की तलाश की भनक लगते ही वह फरार हो गया। पुलिस ने लगातार खोजबीन, तकनीकी सर्विलांस और सूचना तंत्र की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की और अंततः 7 नवंबर 2025 को रुद्रपुर-किच्छा बाईपास के पास शिवनगर गंगानगर चौराहे से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के समय अभियुक्त के पास वही कपड़े और सामान बरामद हुए जो घटना के समय पहने हुए थे। पूछताछ में उसने अपना नाम सुनील कुमार पुत्र मिड़हीलाल निवासी मिल्क मुफ्ती सईदनगर, थाना अजीम नगर, तहसील स्वार, जिला रामपुर (उ.प्र.) उम्र 24 वर्ष बताया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह 28 अक्टूबर को मजदूरी के लिए हल्द्वानी आया था और अपनी विकृत मानसिकता के कारण इस घृणित हरकत को अंजाम दिया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। नैनीताल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में पशुओं के प्रति क्रूरता या किसी भी प्रकार का अमानवीय कृत्य किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक वीरेंद्र चंद, उ0नि0 नरेंद्र सिंह, कॉन्स्टेबल धीरज सुगड़ा, सुनील आगरी, रविंद्र खाती और बलवंत सिंह की सराहनीय भूमिका रही।


