नीली बत्ती वाली कार, RPF की वर्दी का रौब और फर्जी अफसर! असिस्टेंट कमांडेंट बनकर घूम रहा शख्स गिरफ्तार

देहरादून। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में दून पुलिस को ऑपरेशन प्रहार के तहत एक और सफलता मिली है। डोईवाला पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की संयुक्त टीम ने खुद को आरपीएफ का सहायक सुरक्षा आयुक्त (असिस्टेंट कमांडेंट) बताकर लोगों पर रौब झाड़ने वाले एक फर्जी अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी नीली बत्ती लगी अर्टिगा कार में घूम रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से आरपीएफ की पी-कैप (टोपी) और बैज भी बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जनपद में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध ऑपरेशन प्रहार के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 5 नवंबर 2026 को डोईवाला पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति खुद को आरपीएफ का वरिष्ठ अधिकारी बता रहा है और उसकी गतिविधियां संदिग्ध हैं।

सूचना पर डोईवाला पुलिस और आरपीएफ देहरादून की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लच्छीवाला फ्लाईओवर के पास रेलवे लाइन के समीप चेकिंग शुरू की। इस दौरान टीम को नीली बत्ती लगी एक मारुति सुजुकी अर्टिगा कार दिखाई दी। कार के डैशबोर्ड पर आरपीएफ की पी-कैप रखी हुई थी। वाहन में मौजूद व्यक्ति खुद को आरपीएफ के मुरादाबाद मंडल का सहायक सुरक्षा आयुक्त (AC) बताकर आने-जाने वाले लोगों और वाहन चालकों पर रौब झाड़ रहा था।

पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने अपनी पहचान स्मित कुमार पुत्र राजीव शर्मा, निवासी ग्राम शिवाला कला, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) के रूप में बताई। हालांकि, वह आरपीएफ अधिकारी होने से संबंधित कोई पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस टीम ने आरपीएफ के मंडल मुख्यालय से जानकारी जुटाई, जहां इस नाम का कोई अधिकारी तैनात नहीं होने की पुष्टि हुई।

पुलिस की सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने स्वीकार किया कि वह आरपीएफ में तैनात नहीं है। उसने बताया कि वह कर्ज में डूबा हुआ है और लोगों पर रौब जमाकर आसानी से पैसे कमाने के इरादे से फर्जी अधिकारी बनकर घूम रहा था। वह असिस्टेंट कमांडेंट बनकर लोगों को अपने प्रभाव में लेने और ठगी करने की फिराक में था।

पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने आरोपी स्मित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से नीली बत्ती लगी मारुति सुजुकी अर्टिगा कार (UK 07 HQ 2387), नीली बत्ती, आरपीएफ सहायक सुरक्षा आयुक्त की पी-कैप और बैज बरामद किए गए। पुलिस ने वाहन को सीज करते हुए आरोपी के खिलाफ कोतवाली डोईवाला में मुकदमा संख्या 343/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 204/205 में मुकदमा दर्ज किया है।

गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है। इस कार्रवाई में डोईवाला पुलिस के वरिष्ठ उपनिरीक्षक सचिन पुंडीर, उपनिरीक्षक ईश्वर सैनी, हेड कांस्टेबल संजय कुमार और कांस्टेबल अश्वनी कुमार के साथ आरपीएफ के निरीक्षक पंकज कुमार, उपनिरीक्षक रामभरोसे, हेड कांस्टेबल अशोक नौटियाल और कांस्टेबल सम्राट चौहान शामिल रहे।