हल्द्वानी। राष्ट्रव्यापी अभियान “वन डे, वन नेशन, वन मिशन – सेविंग न्यू बॉर्न लाइव्स, वन ब्रीथ एट ए टाइम” के तहत शनिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में नवजात पुनर्जीवन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बाल रोग विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. ऋतु रखोलिया द्वारा किया गया।
यह कार्यशाला नवजात शिशुओं के जीवन रक्षण के उद्देश्य से आयोजित की गई, जिसमें जन्म के तुरंत बाद शिशुओं को सांस लेने में सहायता प्रदान करने की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम पूरी तरह हैंड्स-ऑन और सिमुलेशन आधारित रहा, ताकि चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ आपात परिस्थितियों में प्रभावी तरीके से कार्य कर सकें।

विशेषज्ञों ने बताया कि जन्म के बाद का पहला “गोल्डन मिनट” नवजात के जीवन और मृत्यु के बीच निर्णायक भूमिका निभाता है। हर वर्ष बड़ी संख्या में नवजात शिशुओं को जन्म के तुरंत बाद सांस लेने में सहायता की आवश्यकता होती है, ऐसे में इस तरह का प्रशिक्षण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर के रूप में डॉ. ऋतु रखोलिया और डॉ. साक्षी ने प्रशिक्षण दिया। इस दौरान बाल रोग विभाग, स्त्री एवं प्रसूति विभाग के चिकित्सकों तथा नर्सिंग अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की।

