हल्द्वानी। गर्दन की मालिश के दौरान एक पहलवान द्वारा झटका दिए जाने से महिला की मौत के मामले में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। बनभूलपुरा क्षेत्र में चलाए गए चेकिंग अभियान में कई क्लीनिक और पॉलीक्लीनिक को बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान पूरे शहर में लगातार जारी रहेगा।
जांच के आधार पर चली कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, दमुवादूंगा क्षेत्र की रहने वाली एक महिला पिछले कुछ समय से गर्दन दर्द से परेशान थी। बताया जा रहा है कि सुशीला तिवारी अस्पताल में उसका इलाज भी चल रहा था। इसी बीच कुछ लोगों की सलाह पर परिजन महिला को हल्द्वानी में एक कथित पहलवान के पास ले गए। आरोप है कि पहलवान ने मालिश के बाद महिला की गर्दन को अचानक झटका दिया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। महिला को बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने अवैध क्लीनिकों और बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के उपचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों की मौजूदगी में संयुक्त अभियान
बनभूलपुरा क्षेत्र में चलाए गए इस विशेष चेकिंग अभियान में सिटी मजिस्ट्रेट ए पी बाजपेई, एसडीएम मोनिका, एसीएमओ रजत भट्ट सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। टीम ने क्षेत्र में संचालित कई क्लीनिक और पॉलीक्लीनिक का निरीक्षण किया और मानकों पर खरे न उतरने वाले संस्थानों को बंद करने की कार्रवाई की।
जनता से की अपील
अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे अपना इलाज केवल पंजीकृत डॉक्टरों और अधिकृत स्वास्थ्य संस्थानों से ही कराएं। उन्होंने कहा कि बिना योग्यता वाले व्यक्तियों से इलाज कराना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन का यह अभियान शहर के अन्य क्षेत्रों में भी जारी रहेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
