नैनीताल। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत जनपद नैनीताल में मतदाता सूची के अद्यतन और डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से जारी है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनपद में कुल 7,65,135 मतदाताओं के सापेक्ष 6,93,237 गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि अब तक 71,898 मतदाता, जो कुल मतदाताओं का 9.40 प्रतिशत हैं, ‘अन-कलेक्टिबल’ श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। इनमें 10,182 मतदाता मृत पाए गए, 45,763 स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं, 4,480 मतदाता पहले से अन्यत्र पंजीकृत मिले, 11,142 मतदाता अनुपस्थित पाए गए, जबकि 331 अन्य श्रेणी में शामिल हैं। विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो सबसे अधिक अन-कलेक्टिबल मतदाता 59-हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में 20,903 (14.90 प्रतिशत) और 58-नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में 10,959 (10.50 प्रतिशत) दर्ज किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम त्रुटिवश ASDD सूची में शामिल हो गया है अथवा प्रारूप निर्वाचक नामावली में उसका नाम नहीं है, तो वह 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच निर्धारित प्रपत्र-6 और घोषणा-पत्र के साथ अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है। प्राप्त दावों और आपत्तियों का नियमानुसार परीक्षण कर पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम निर्वाचक नामावली में शामिल किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की स्वीकृति के अनुरूप जनपद में मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) का कार्य भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित किया जा रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे प्रारूप निर्वाचक नामावली में अपना नाम और विवरण अवश्य जांच लें तथा किसी भी त्रुटि या नाम शामिल न होने की स्थिति में निर्धारित समयावधि के भीतर आवश्यक दावा या आपत्ति प्रस्तुत कर अपने मताधिकार को सुरक्षित करें।
