- अल्ट्रासाउंड केंद्रों की होगी सघन जांच, अवैध मशीन की सूचना देने पर ₹50 हजार इनाम, डेंगू नियंत्रण के लिए सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश
हल्द्वानी।
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और कानून के अनुरूप संचालित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बुधवार को कैंप कार्यालय हल्द्वानी में लगातार तीन महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठकों में पीसी-पीएनडीटी अधिनियम, डेंगू रोकथाम एवं नियंत्रण तथा क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
भ्रूण लिंग परीक्षण पर जीरो टॉलरेंस, अवैध मशीन की सूचना पर ₹50 हजार इनाम
पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के तहत आयोजित जिला सलाहकार समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी कीमत पर भ्रूण लिंग परीक्षण नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत को सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी संदिग्ध अल्ट्रासाउंड सेंटर की सूचना मिलने पर तत्काल छापेमारी की जाए। उन्होंने घोषणा की कि बिना पंजीकरण के अल्ट्रासाउंड मशीन का उपयोग करने वालों की सूचना देने वाले व्यक्ति को ₹50 हजार का इनाम दिया जाएगा, जबकि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अल्ट्रासाउंड या सोनोग्राफी मशीन का उपयोग करने वाले सभी रेडियोलॉजिस्ट और सोनोलॉजिस्ट का वैध पंजीकरण अनिवार्य है तथा बिना रजिस्ट्रेशन मशीन का संचालन कानूनन अपराध है।
डेंगू रोकथाम को लेकर सभी विभागों को अलर्ट
मानसून के मद्देनज़र डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग, नगर निकायों और पंचायतीराज विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित सर्विलांस, समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करने के साथ-साथ नालियों की सफाई, जलभराव की समस्या का त्वरित समाधान, फॉगिंग तथा एंटी-लार्वा छिड़काव अभियान तेज करने के निर्देश दिए।
साथ ही विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखने तथा लोगों को घरों में पानी जमा न होने देने के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट का होगा सख्ती से पालन
तीसरी बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों में क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि एक्ट के तहत सभी अस्पतालों में प्रत्येक मरीज का इलेक्ट्रॉनिक एवं मेडिकल हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित रखना अनिवार्य है। यह कानून एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, नर्सिंग होम, क्लीनिक, डिस्पेंसरी और मैटरनिटी होम सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर समान रूप से लागू होता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज के आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचने पर उसे तत्काल आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान की कानूनी जिम्मेदारी है।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत सहित स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
