
हल्द्वानी। शहर में चल रहे सड़क और सीवर निर्माण कार्यों को लेकर एक ओर जहां विभाग ने तेजी से काम होने का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर अव्यवस्थित निर्माण और धूल-मिट्टी से परेशान नागरिकों का आक्रोश भी सामने आया है।

एडीबी सहायता प्राप्त परियोजना के तहत चल रहे कार्यों को लेकर उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (UUSDA) के परियोजना प्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि मौसम अनुकूल होने के बाद डामर सड़कों का निर्माण युद्ध स्तर पर शुरू किया जा रहा है और आगामी एक सप्ताह में इसका व्यापक असर दिखाई देगा।
उन्होंने जानकारी दी कि अब तक शहर में 142 किलोमीटर सड़कों का पुनर्निर्माण किया जा चुका है, जबकि लगभग 90 किलोमीटर सड़कों पर सरफेसिंग का कार्य पूरा हो चुका है। इन सड़कों पर भी जल्द डामर बिछाने का काम शुरू किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य अगले दो महीनों में कुल 230 किलोमीटर सड़कों का कार्य पूरा करना है। इसके अलावा सीवर परियोजना के तहत करीब 70 से 80 प्रतिशत सड़कों का पुनर्निर्माण किया जा चुका है और शेष हिस्सों में अगले दो से तीन महीनों में रेस्टोरेशन कार्य पूरा करने की योजना बनाई गई है।
नागरिकों ने जताई नाराजगी
दूसरी ओर शहरवासियों ने निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और लापरवाही को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पिछले करीब दो वर्षों से सड़कों को बिना तय योजना और समयसीमा के खोदकर अधूरा छोड़ दिया जाता है, जिससे धूल-मिट्टी और जर्जर सड़कों के कारण आम जनता, खासकर बच्चे, बुजुर्ग और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अधूरे कार्यों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि ठेकेदार मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं और प्रभावी निगरानी के अभाव में लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
यह ज्ञापन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नेता ललित जोशी के नेतृत्व में सौंपा गया। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्यों को जल्द समयबद्ध तरीके से पूरा नहीं कराया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल विभाग के दावों और जनता की शिकायतों के बीच शहर में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और गति को लेकर प्रशासन पर निगाहें टिकी हुई हैं।


