
हल्द्वानी। ज्योलिकोट क्षेत्र में बीमारी के मामलों और हालिया मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में सर्विलांस और निगरानी व्यवस्था तेज कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि आईडीएसपी और आईएचआईपी के तहत बुखार, डायरिया, जॉन्डिस, उल्टी-दस्त सहित अन्य संक्रामक बीमारियों की रोजाना रिपोर्टिंग कराई जा रही है। किसी भी क्षेत्र में मरीजों का क्लस्टर सामने आने पर स्वास्थ्य टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर निरोधात्मक कार्रवाई करेंगी।
सीएमओ के अनुसार तराई क्षेत्र के मोटाहल्दू, कालाढूंगी, रामनगर, हल्द्वानी, बनभूलपुरा, गुसाईंनगर और दमुवाढूंगा समेत संवेदनशील क्षेत्रों में भी सर्विलांस बढ़ाया गया है। आशा, एएनएम, सीएचओ और मेडिकल अधिकारियों की टीमें कैंप कर मरीजों की निगरानी कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग जॉन्डिस के साथ एच1एन1, सीजनल फ्लू, डायरिया, डेंगू तथा अन्य जलजनित और वेक्टर जनित रोगों को लेकर भी एहतियाती कदम उठा रहा है।
स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और नर्सिंग कॉलेजों में साफ-सफाई, नियमित हाथ धोने, सुरक्षित एवं उबला पानी इस्तेमाल करने तथा क्लोरीनेशन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ज्योलिकोट के होटल, होमस्टे और रिसॉर्ट में काम करने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार कर उनकी स्क्रीनिंग कराने को कहा गया है। जल संस्थान के सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों से पानी के नमूने लेकर उनकी जांच भी कराई जा रही है।
ज्योलिकोट में हालिया मौत के संबंध में सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि मृतक के स्वास्थ्य और उपचार से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। मरीज का पहले स्थानीय चिकित्सा इकाई में उपचार हुआ था, जिसके बाद उसे बीडी पांडे अस्पताल से सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि मेडिकल ऑडिट कमेटी की जांच के बाद ही हो सकेगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी
