
नई दिल्ली/हल्द्वानी। हल्द्वानी में कांग्रेस की जनसभा के बाद कथित शुद्धीकरण की घटना को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखकर मामले में शामिल व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने की मांग की है।
2 सितंबर 2026 को लिखे पत्र में खरगे ने नड्डा को याद दिलाया कि उन्होंने 13 अगस्त को राज्यसभा में हल्द्वानी में 8 अगस्त को हुई अपनी जनसभा के बाद कथित जातिगत शुद्धीकरण का मुद्दा उठाया था।
खरगे ने पत्र में कहा कि केवल मंत्रोच्चार या हवन करने से शुद्धीकरण की कथित जातिवादी प्रक्रिया पावन नहीं हो जाती। उन्होंने इस घटना को करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि यह केवल उनका या कांग्रेस अध्यक्ष पद का निजी मामला नहीं है।
24 दिन बाद भी FIR नहीं होने पर जताई नाराजगी
खरगे ने पत्र में राज्यसभा में नड्डा द्वारा दिए गए उस आश्वासन का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी। खरगे के मुताबिक, राज्यसभा के सभापति ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया था।
उन्होंने सवाल उठाया कि घटना के 24 दिन बीत जाने के बावजूद हल्द्वानी में संबंधित व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) तक दर्ज नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री को निर्देश देने की नड्डा से अपील
कांग्रेस अध्यक्ष ने नड्डा से आग्रह किया कि वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को निर्देशित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि कथित घटना में संलिप्त व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज हो।
खरगे ने पत्र में कहा कि रामलीला मैदान में जिस स्थान पर उन्होंने रैली को संबोधित किया था, वहां कथित शुद्धीकरण किया जाना संविधान की भावना और मानवीय मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग दोहराई है।
