
हल्द्वानी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण प्रकरण ने एक बार फिर हल्द्वानी की सियासत को गरमा दिया है। सोमवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता हल्द्वानी सीओ कार्यालय पहुंचे और तहरीर सौंपकर शुद्धिकरण के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि घटना को करीब तीन सप्ताह बीत जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता और प्रदेश सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े होते हैं। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि जातिगत भेदभाव और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाले किसी भी कृत्य के खिलाफ संविधान और कानून के अनुरूप कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि संविधान सर्वोपरि है और प्रत्येक नागरिक के सम्मान तथा समान अधिकारों की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के सीओ कार्यालय पहुंचने के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इसी दौरान एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत की।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की ओर से पुलिस को मंगलवार सुबह 11 बजे तक कार्रवाई का समय दिया गया है। अब यदि तय समय तक कार्रवाई नहीं होती है तो कांग्रेस की अगली रणनीति क्या होगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। इसी बीच राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हल्द्वानी पहुंच सकते हैं। हालांकि कांग्रेस या उसके किसी वरिष्ठ नेता की ओर से राहुल गांधी के हल्द्वानी आने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, इस पूरे विवाद में अब राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा भी नया राजनीतिक मोर्चा खोल चुका है। विनोद आर्य और अमित कुमार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ अनुसूचित जाति के संबंध में कथित आपत्तिजनक एवं जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार मुकदमे में बीएनएस की धारा 196 और 299 के साथ एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(q) लगाई गई है। एक ओर कांग्रेस शुद्धिकरण प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ी है, तो दूसरी ओर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे ने विवाद को और पेचीदा बना दिया है। अब हल्द्वानी में सियासी टकराव के बीच पुलिस की अगली कार्रवाई और कांग्रेस के अगले कदम पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
