
हल्द्वानी। पिछले दो दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश का असर हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगा है। जगह-जगह जलभराव, सड़क बाधित होने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार वर्षा और भूस्खलन की घटनाओं के बीच गौला नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने पुलिस अधिकारियों के साथ गौला पुल काठगोदाम एवं गौला पुल बनभूलपुरा का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने नदी के आसपास अनावश्यक रूप से लोगों की बढ़ती भीड़ पर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए।
एसएसपी ने बताया कि काठगोदाम, हल्द्वानी, बनभूलपुरा, लालकुआं और चोरगलिया समेत विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने की संभावनाओं को देखते हुए पुलिस के साथ एसडीआरएफ, जल पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट पर हैं।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी निरीक्षक बनभूलपुरा एवं काठगोदाम को गौला नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए गए। पुलिस बल, आपदा प्रबंधन टीम और एसडीआरएफ को आवश्यक उपकरणों के साथ पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है।
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने गौला पुल और नदी के आसपास लोगों के फोटो, सेल्फी और रील बनाने के लिए पहुंचने पर विशेष चिंता जताई। उन्होंने आमजन से अपील की कि तेज बहाव वाली नदी और पुलों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं तथा अपनी जान जोखिम में डालकर फोटो या वीडियो बनाने से बचें।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से गौला नदी या पुल की ओर न जाने दिया जाए। साथ ही सभी थाना प्रभारियों और अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। नदी-नालों या सड़कों पर तेज बहाव के साथ पानी आने की स्थिति में किसी भी वाहन या मोटरसाइकिल को पानी के बीच से पार न करने की भी सख्त हिदायत दी गई है।
एसएसपी ने कहा कि बारिश के दौरान परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और नदी का बहाव अचानक खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। नैनीताल पुलिस आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य के लिए टीमें तैयार हैं।
