हल्द्वानी। जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देशों के अनुपालन में नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम क्षेत्र की सड़कों को गड्ढा मुक्त रखने और मानसून के दौरान आमजन को राहत देने के लिए नगर मजिस्ट्रेट ए.पी. वाजपेयी एवं नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में यूयूएसडीए (एडीबी), लोक निर्माण विभाग, एचपीसीएल, पेयजल निर्माण निगम और उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मानसून अवधि में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एडीबी अधिकारियों को तीनपानी से नरीमन तिराहा, कालूसिद्ध चौराहे से कटघरिया और मुखानी चौराहे से कोलटैक्स तक के मार्गों पर संबंधित सहायक अभियंताओं की जिम्मेदारी तय करते हुए प्रतिदिन स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। बारिश के कारण बनने वाले गड्ढों की पहचान कर मौसम अनुकूल होते ही तत्काल मरम्मत कर सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाए रखने को कहा गया।
नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में चल रहे कार्यों को देखते हुए एडीबी के प्रत्येक पैकेज के लिए दो-दो क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) गठित करने के निर्देश भी दिए गए। ये टीमें मानसून और आपदा के दौरान 24 घंटे सक्रिय रहेंगी तथा जलभराव, जल निकासी, सड़क क्षति और गड्ढों की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर तत्काल कार्रवाई करेंगी।
पेयजल निर्माण निगम को राजपुरा, सुभाष नगर, जगदंबा नगर, इंदिरा नगर सहित अन्य क्षेत्रों में सीवर लाइन बिछाने के बाद खोदी गई सड़कों का बैकफिलिंग कार्य पूरा करने, प्रतिदिन निरीक्षण कराने और बारिश के दौरान सड़क क्षतिग्रस्त होने पर तुरंत समतलीकरण एवं मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही मानसून समाप्त होने के बाद इन सड़कों का स्थायी डामरीकरण प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया।
बैठक में जीएसटी कार्यालय, कटघरिया और अन्य आवश्यक स्थानों के लिए डीपीआर तैयार करने, तीनपानी से मंडी मार्ग तक विद्युत पोल शिफ्टिंग और ह्यूम पाइप बिछाने के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। नगर मजिस्ट्रेट और नगर आयुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों को मानसून अवधि में मोबाइल फोन लगातार चालू रखने, मुख्यालय पर उपलब्ध रहने और किसी भी आपदा या आपात स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
