हल्द्वानी: हल्द्वानी मंडी से दिल्ली के लिए फल और सब्जी ले जाने वाले ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे सप्लाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इसका सीधा असर उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले किसानों पर पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, पहाड़ों से बड़ी मात्रा में रसीले फल और सब्जियां हल्द्वानी मंडी पहुंच रही हैं, लेकिन देश की सबसे बड़ी मंडियों में से एक आजादपुर मंडी तक यह माल नहीं जा पा रहा है। इससे मंडी में माल की अधिकता हो गई है और फल-सब्जियों के दाम गिर गए हैं।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि दिल्ली सरकार द्वारा फल और सब्जियों पर ग्रीन सेस लागू कर दिया गया है, जिससे हर गाड़ी पर करीब ₹1500 तक अतिरिक्त टैक्स देना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि पहले ऐसा कोई शुल्क नहीं लिया जाता था, लेकिन अचानक से इसे लागू कर दिया गया, जिससे परिवहन लागत बढ़ गई है।
हड़ताल के चलते न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मंडी में माल खप नहीं पाने के कारण उन्हें अपनी उपज कम दामों पर बेचनी पड़ रही है।
ट्रांसपोर्टरों ने चेतावनी दी है कि जब तक ग्रीन सेस को वापस नहीं लिया जाता या इसमें राहत नहीं दी जाती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, व्यापारियों और किसानों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि सप्लाई चेन सामान्य हो सके।
अध्यक्ष
फल आलू आढ़ती एसोसिएशन हल्द्वानी
