
मुजाहिद खान
संवाददाता, सितारगंज।
सितारगंज। विजिलेंस की कार्रवाई के विरोध में करीब 20 घंटे से बंद सितारगंज तहसील का गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया। गुरुवार देर रात उच्च अधिकारियों और राजस्व कर्मचारी संगठनों के बीच हुई वार्ता के बाद सहमति बनने पर कर्मचारियों ने धरना और कार्य बहिष्कार वापस ले लिया। इसके बाद तहसील का मुख्य गेट खोल दिया गया और अब सरकारी कामकाज सामान्य होने की उम्मीद है।
राजस्व कर्मचारी संगठनों का कहना है कि विजिलेंस द्वारा जिन दो कर्मचारियों को कथित रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया, वे रिश्वत नहीं बल्कि सरकारी राजस्व की वसूली कर रहे थे। विभाग के अनुसार, दोनों कर्मचारी कलेक्शन काउंटर पर राजस्व संहिता के तहत बकाया राशि की वसूली की निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर रहे थे। इसी कार्रवाई को लेकर कर्मचारियों ने विजिलेंस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध शुरू किया था।

वहीं, प्रशासन की ओर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया गया है। उपजिलाधिकारी तुषार सैनी ने कहा कि प्रकरण की जांच तथ्यों के आधार पर की जाएगी और प्रशासन कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वार्ता में सहमति बनने के बाद विजिलेंस टीम भी तहसील परिसर से वापस लौट गई। इससे पहले बुधवार को विजिलेंस टीम ने वरिष्ठ लिपिक समेत दो कर्मचारियों को कथित रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा था। कार्रवाई के विरोध में राजस्व कर्मचारियों ने तहसील के मुख्य गेट पर ताला लगाकर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया था। इसके चलते आय, जाति प्रमाण पत्र, नामांतरण समेत तहसील से जुड़े कई महत्वपूर्ण सरकारी काम करीब 20 घंटे तक प्रभावित रहे।
अब कर्मचारियों के आंदोलन वापस लेने और तहसील का गेट खुलने के बाद आम लोगों से जुड़े सरकारी कार्य दोबारा सुचारु होने की उम्मीद है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय की जाएगी।
एस.डी.एम. सितारगंज
