हल्द्वानी। जनपद नैनीताल में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने जनहित में जारी आदेश के तहत सभी नगर निकायों, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर एक माह के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों के फुटपाथों का व्यापक सर्वेक्षण करने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के विभिन्न शहरी क्षेत्रों में फुटपाथों पर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण, दुकानों का अनधिकृत विस्तार, ठेले-फड़, निर्माण सामग्री का भंडारण, अवैध पार्किंग, विज्ञापन सामग्री और क्षतिग्रस्त फुटपाथों के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। इससे वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजनों को मुख्य सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और उत्तराखंड हाईकोर्ट के विभिन्न आदेशों में सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखना प्रशासन और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी तय की गई है। संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत सुरक्षित और गरिमापूर्ण आवागमन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, इसलिए इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार नगर आयुक्त, नगर मजिस्ट्रेट, सभी उपजिलाधिकारी, अधिशासी अभियंता और अधिशासी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में संयुक्त टीम गठित कर फुटपाथों का सर्वे करेंगे। इस दौरान स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण, व्यावसायिक विस्तार, अवैध पार्किंग, निर्माण सामग्री का भंडारण, गड्ढों और क्षतिग्रस्त फुटपाथों सहित दिव्यांगजनों के लिए बाधाओं का अलग-अलग विवरण तैयार किया जाएगा।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अतिक्रमणकर्ताओं को नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएं और निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर बलपूर्वक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा प्रत्येक सप्ताह नगर निकाय, पुलिस और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग और नगर निकायों को फुटपाथों की मरम्मत, गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के अनुरूप रैंप, टैक्टाइल पाथ और अन्य सुगम सुविधाएं विकसित करने तथा फुटपाथों पर किसी भी प्रकार की वाहन पार्किंग पर पूरी तरह रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। प्रत्येक नगर निकाय में एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा, जो नागरिकों की शिकायतों का निस्तारण कर नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
