
हल्द्वानी। गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित लेजेंट्स लीग क्रिकेट के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब सुरक्षा में तैनात बाउंसरों ने वेतन न मिलने पर अचानक विरोध शुरू कर दिया। आक्रोशित बाउंसरों ने स्टेडियम के गेट बंद कर दिए, जिससे खिलाड़ियों और स्टाफ की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई और खिलाड़ियों की बसें भी अंदर ही फंस गईं।

कुछ देर के लिए स्टेडियम परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। बाद में आयोजकों ने मौके पर पहुंचकर बाउंसरों से बातचीत की और भुगतान का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ और गेट खोल दिए गए। इसके बाद खिलाड़ियों की बसें स्टेडियम से होटल के लिए रवाना हो सकीं।
इस पूरे मामले पर खेल विभाग ने खुद को अलग बताते हुए स्पष्ट किया कि उनकी इसमें कोई सीधी भूमिका नहीं है। उपनिदेशक राशिका सिद्दीकी ने कहा कि विभाग केवल स्टेडियम उपलब्ध कराता है, जबकि आयोजन की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होती है। उन्होंने बताया कि 16 मार्च तक का भुगतान जमा था, लेकिन आगे के मैचों के लिए 20 मार्च तक का किराया जमा होने के बाद ही अनुमति दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि डीजी सेट में तेल न होने जैसी तकनीकी अव्यवस्थाएं भी आयोजन एजेंसी की लापरवाही का परिणाम हैं।
वहीं, लेजेंट्स लीग क्रिकेट के को-फाउंडर रमन रहेजा ने इस पूरे घटनाक्रम को “कम्युनिकेशन गैप” का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसी का प्रभारी दिल्ली में होने के कारण समय पर समन्वय नहीं हो पाया, जिससे भुगतान को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। हालांकि बाद में बातचीत के जरिए मामला सुलझा लिया गया और बाउंसर दोबारा ड्यूटी पर लौट आए।
रहेजा ने यह भी बताया कि बीती रात आए तेज तूफान के कारण स्टेडियम में लगे कैमरे और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचा, जिसके चलते अगले दिन का दोपहर का मैच रद्द करना पड़ा। फिलहाल क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत का कार्य जारी है।
घटना के बाद आयोजन व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं, हालांकि आयोजकों और विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य कर ली जाएगी।
उप निदेशक


