हल्द्वानी: नवनियुक्त आईजी कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल ने गुरुवार को पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुमाऊँ मंडल में कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि मंडल में प्रो-एक्टिव पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया जाएगा और यूपी के सीमावर्ती जिलों के साथ समन्वय बनाकर अपराधों पर कार्रवाई की जाएगी।
आईजी अग्रवाल ने कहा कि थानों और चौकियों में तैनात पुलिसकर्मी जनता से बेहतर व्यवहार करें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा, “पुलिस का मुख्य उद्देश्य जनता की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। हमारी कोशिश होगी कि पुलिसकर्मी जनता के प्रति संवेदनशील बनें और उनके साथ बेहतर व्यवहार करें।”
साइबर फ्रॉड और नशे के खिलाफ कार्रवाई
आईजी अग्रवाल ने साइबर फ्रॉड को लेकर जनता को विशेष रूप से जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों में वृद्धि को देखते हुए पुलिस जनता को इसके प्रति जागरूक करेगी। साथ ही, उन्होंने नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही और लोगों से इसकी शिकायत सीधे पुलिस में करने का आग्रह किया।
आपदा प्रबंधन को लेकर तैयारियां
आईजी ने आपदा प्रबंधन को लेकर भी पुलिस की तैयारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) और स्थानीय पुलिस को और बेहतर ढंग से प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
यूपी के साथ समन्वय
आईजी अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस यूपी के सीमावर्ती जिलों के साथ मिलकर अपराधों पर अंकुश लगाएगी। उन्होंने कहा, “सीमावर्ती इलाकों में अपराधों को रोकने के लिए यूपी पुलिस के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाएगा।”
जनता से सहयोग की अपील
आईजी ने जनता से पुलिस के काम में सहयोग करने की अपील की और कहा कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और जनता का साथ-साथ चलना जरूरी है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि कुमाऊँ मंडल में शांति और व्यवस्था बनी रहे और जनता को सुरक्षित महसूस हो।”
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे। आईजी अग्रवाल ने कहा कि उनकी टीम जनता की बेहतर सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और हर संभव प्रयास किया जाएगा कि कुमाऊँ मंडल में अपराधों पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाया जा सके।
