हल्द्वानी: उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर को लेकर चल रहे विवाद के बीच हल्द्वानी के मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने अपने आवास पर स्मार्ट मीटर लगवाकर सरकार के इस प्रयास की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है और स्मार्ट मीटर इसी दिशा में एक और बड़ा कदम है।
मेयर बिष्ट ने बताया कि विशेषज्ञों से मिली जानकारी के अनुसार यह मीटर पुराने मीटर का अपग्रेडेड वर्जन है। इससे उपभोक्ता घर बैठे अपनी बिजली की खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, मीटर में किसी भी तरह की खराबी आने पर यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) को स्वत: ही सूचना मिल जाएगी और उनकी टीम समय पर पहुंचकर मीटर को ठीक करेगी।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष स्मार्ट मीटर को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। विपक्ष इसे प्रीपेड मीटर बता कर अफवाह फैला रहा है, जबकि यह उपभोक्ताओं के लिए एक बेहतर और पारदर्शी सिस्टम है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर मीटर लगाने पहुंची टीम के साथ मारपीट की घटनाएं भी हुई हैं, जो कि गलत है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह जनता के बीच अफवाह न फैलाएं और इस नए सिस्टम को अपनाने में सहयोग करें।


स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे विशेषज्ञ हरीश तिवारी ने बताया कि यह मीटर निशुल्क लगाए जा रहे हैं और उपभोक्ताओं से इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एप की मदद से उपभोक्ता अपने फोन पर हर घंटे हो रही बिजली की खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह मीटर पुराने मीटर की तरह ही काम करेगा, लेकिन इसमें पारदर्शिता और सुविधा के नए फीचर्स जोड़े गए हैं।
मेयर बिष्ट ने जनता से आग्रह किया कि वे स्मार्ट मीटर लगवाने में सहयोग करें और इस नई तकनीक का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम न केवल बिजली की बचत करने में मददगार होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को उनकी खपत के अनुसार बिल चुकाने में भी सुविधा प्रदान करेगा।
