हल्द्वानी: साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एसओजी और मुखानी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक संजीत राठौर को सूचना मिली थी कि बाहरी राज्यों से आए कुछ लोग फर्जी आधार कार्ड बनाकर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवा रहे हैं और इन खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी की रकम इधर-उधर करने में किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी प्रकाश चंद्र और सीओ सिटी नितिन लोहनी के निर्देश पर एसओजी प्रभारी संजीत राठौर और थानाध्यक्ष मुखानी विजय मेहता के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर कार्रवाई की गई।
टीम ने 29/30 जनवरी 2025 की रात पतारसी-सुरागरसी के दौरान थाना मुखानी क्षेत्र के तारा कंपलेक्स में छापेमारी की। छापे के दौरान छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से अलग-अलग बैंकों के फॉर्म, फर्जी आधार कार्ड, स्टांप मोहर, उद्यम विभाग के जाली रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी आधार कार्ड बनाकर दुकानों की तस्वीरें खींचकर उद्यम विभाग में फर्जी रजिस्ट्रेशन कराते थे और इन दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों में खाते खोलते थे। इन खातों के एटीएम कार्ड, चेकबुक आदि गिरोह के सरगना चार्ली उर्फ केके को भेजे जाते थे।


गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गैंग का मास्टरमाइंड राघवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रघु भी शामिल है, जिसने हल्द्वानी बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा कालाढूंगी रोड में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने साथी रोहन खान के नाम से खाता खुलवाया था। गिरोह के अन्य सदस्यों के बैंक खाते भी खुलने वाले थे, लेकिन पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई से वे गिरफ्त में आ गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार फर्जी रबर स्टांप, एक पत्रकारिता प्रेस कार्ड, पांच प्री-एक्टिवेटेड सिम, 1.43 लाख रुपये की धोखाधड़ी से अर्जित राशि, कई बैंकों के एटीएम/डेबिट कार्ड, दो ब्लैंक चेक, 2000 रुपये नकद और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
इसके अलावा, मकान मालिक द्वारा सत्यापन न कराने पर नियमानुसार 10,000 रुपये का चालान किया गया और भविष्य में बिना सत्यापन किरायेदार न रखने की सख्त चेतावनी दी गई। इस मामले में फर्जी आधार कार्ड और जाली उद्यम प्रमाण पत्र बनाने वाले व्हाट्सएप यूजर एस्कैम और गिरोह के सरगना चार्ली उर्फ केके की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
एसएसपी नैनीताल ने इस सफलता पर पुलिस टीम को 2500 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष मुखानी उपनिरीक्षक विजय मेहता, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक संजीत कुमार राठौर, उपनिरीक्षक मनोज सिंह अधिकारी, उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल ललित श्रीवास्तव, कांस्टेबल चंदन सिंह, अरविंद बिष्ट, राजेश बिष्ट, संतोष बिष्ट, परविंदर सिंह और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।