

ऋषिकेश। निर्माणाधीन एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से धनराशि वसूलने और फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने के मामले में ऋषिकेश पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹2 लाख नकद और एमटीएस पद से संबंधित दो संदिग्ध फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद किए हैं। आरोपियों और संबंधित व्यक्तियों के बीच नौकरी दिलाने के नाम पर ₹3.20 लाख की डील होने की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, 15 सितंबर 2026 को एम्स ऋषिकेश के सुरक्षा विभाग की इंटेलिजेंस टीम ने संस्थान प्रशासन के समन्वय से बैराज रोड पर गोपनीय कार्रवाई की। इस दौरान कुछ संदिग्ध व्यक्ति निर्माणाधीन एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर ₹3.20 लाख की धनराशि के लेन-देन को लेकर बातचीत करते पाए गए। सुरक्षा टीम ने उन्हें पकड़ लिया। एम्स प्रशासन को पहले से ऐसी शिकायतें और सूचनाएं मिल रही थीं कि कुछ लोग विभिन्न पदों पर नौकरी लगवाने के नाम पर अभ्यर्थियों से पैसे मांग रहे हैं और फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर रहे हैं।
मामले में एम्स ऋषिकेश के प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह की तहरीर पर कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा संख्या 463/2026, धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) बीएनएस के तहत अभियोग दर्ज किया गया।
विवेचना के दौरान तहरीर, गवाहों के बयान, आरोपियों से पूछताछ और बरामद नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों के आधार पर पुलिस को आरोपियों की संलिप्तता के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य मिले। पूछताछ में आरोपी दीपक गुसाईं द्वारा नौकरी लगवाने के नाम पर विभिन्न लोगों से धनराशि लेने और उसमें से ₹2.40 लाख शिवा सिंह को देने की बात सामने आई। वहीं आरोपी सुब्रत बछाड़ द्वारा खुद और अन्य लोगों की नौकरी लगवाने के लिए धनराशि दिए जाने तथा संबंधित लोगों को शिवा सिंह और राजदीप एंटरप्राइज के मैनेजर विनायक से मिलाने की बात बताई गई। पुलिस इन पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने मामले में सुब्रत बछाड़ निवासी निर्मलनगर, सितारगंज, उम्र 33 वर्ष, दीपांशु मंडल निवासी शक्तिफार्म, सितारगंज, उम्र 19 वर्ष, गणेश निवासी उल्धन बिसोटा, नानकमत्ता, उम्र 19 वर्ष, दीपक गुसाईं निवासी मीरा नगर, ऋषिकेश, उम्र 33 वर्ष और दीपना मंडल निवासी शक्तिफार्म, सितारगंज, उम्र 22 वर्ष को 17 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के कब्जे से ₹500 के 400 नोटों के रूप में कुल ₹2 लाख नकद बरामद किए गए। इसके अलावा M/s Rajdeep Enterprise के लेटरहेड पर तैयार किए गए एमटीएस पद से संबंधित दो संदिग्ध फर्जी नियुक्ति पत्र भी पुलिस ने बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, मामले की विवेचना अभी जारी है। नौकरी के नाम पर अन्य अभ्यर्थियों से धनराशि लिए जाने, फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने और उपलब्ध कराने, पैसों के लेन-देन तथा मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
