देहरादून। राजधानी के पटेलनगर क्षेत्र के भुड्डी गांव में अज्ञात हमलावर द्वारा युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने महज कुछ घंटों में खुलासा कर दिया। मामले में मृतक के छोटे भाई शाहिद हारून को ही हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि नशे का आदी शाहिद अपने बड़े भाई सोहेल हारून की डांट-फटकार और मारपीट से नाराज था। साथ ही उसने अपने पिता के बैंक खाते से एटीएम के जरिए करीब 10 लाख रुपये निकालकर अपनी अय्याशी में खर्च कर दिए थे, जिसका खुलासा होने के बाद दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ गया था।
पुलिस के अनुसार 14 जून 2026 की रात सूचना मिली कि भुड्डी गांव में एक युवक को घर में घुसकर अज्ञात व्यक्ति ने गोली मार दी है। पुलिस मौके पर पहुंची तो मृतक की पहचान सोहेल हारून के रूप में हुई। शुरुआती पूछताछ में मृतक के छोटे भाई शाहिद सहित अन्य लोगों ने अज्ञात हमलावर द्वारा हत्या की कहानी बताई। फोरेंसिक टीम और पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए और मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने घर और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें पता चला कि घर के कैमरे चालू होने के बावजूद उनकी रिकॉर्डिंग पहले ही हटा दी गई थी और आसपास के कैमरों में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति घर में आता-जाता दिखाई नहीं दिया। मौके के निरीक्षण में घर के बाथरूम से घटना में प्रयुक्त 32 बोर की देशी पिस्टल भी बरामद हुई। शाहिद से जब इस संबंध में पूछताछ की गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। संदेह गहराने पर उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने भाई की हत्या करना स्वीकार कर लिया।

पूछताछ में शाहिद ने बताया कि वह नशे का आदी है और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए अक्सर घर से पैसे लेता था। कुछ दिन पहले उसके माता-पिता हज पर गए थे। इसी दौरान बड़े भाई सोहेल को पता चला कि शाहिद ने पिता का एटीएम चोरी कर लगभग 10 लाख रुपये निकाल लिए और उन्हें खर्च कर दिया। इस बात को लेकर सोहेल ने उसकी पिटाई कर दी थी। इसी अपमान का बदला लेने के लिए शाहिद ने हत्या की साजिश रची। उसने दो दिन पहले ही घर के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग बंद कर उन्हें केवल लाइव मोड पर कर दिया और मौका मिलते ही देशी पिस्टल से अपने भाई को गोली मार दी। हत्या के बाद उसने पिस्टल बाथरूम में छिपा दी और अज्ञात हमलावर की झूठी कहानी गढ़ दी।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद शाहिद ने गांव के लोगों और परिजनों को भड़काकर सोहेल के शव को देहरादून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर सड़क जाम भी कराया, ताकि पुलिस का ध्यान भटकाया जा सके और खुद को पीड़ित साबित किया जा सके। इस मामले में शाहिद समेत अन्य नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ सड़क जाम करने और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में एक अन्य मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित पटेलनगर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपी शाहिद हारून (21) को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त 32 बोर की देशी पिस्टल बरामद कर ली है। पुलिस अब मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
