हल्द्वानी। शहर में झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। संयुक्त टीमों की छापेमारी में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां चिकित्सक अपनी अधिकृत चिकित्सा पद्धति से बाहर जाकर दूसरी पद्धतियों की दवाएं लिखकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले क्लीनिकों के साथ ही निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में भी अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले में अवैध और अपंजीकृत क्लीनिकों की लगातार जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत बीएएमएस, बीएचएमएस, यूनानी, नेचुरोपैथी और एलोपैथी सहित विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े प्रतिष्ठानों को निर्धारित नियमों के अनुसार पंजीकरण कराना और समय पर उसका नवीनीकरण कराना अनिवार्य है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और औषधि निरीक्षक की संयुक्त टीमें क्लीनिकों का निरीक्षण कर रही हैं। संबंधित संचालकों को पहले भी पत्रों के माध्यम से नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निजी अस्पतालों में एलोपैथी के अलावा अन्य चिकित्सा पद्धतियों से इलाज किए जाने के सवाल पर सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक चिकित्सक/अस्पताल को उसी चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत उपचार करना चाहिए, जिसके लिए वह अधिकृत है। यदि कोई क्लीनिक अतिरिक्त बेड लगाकर नर्सिंग होम की तरह संचालित किया जा रहा है या बिना आवश्यक अनुमति के अतिरिक्त चिकित्सा सेवाएं शुरू की गई हैं, तो इसकी सूचना तत्काल सीएमओ कार्यालय को दी जानी चाहिए। बिना निर्धारित अनुमति के ऐसी सेवाएं संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की निगरानी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम तक भी है। यहां चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट और अन्य पैरामेडिकल कर्मचारियों की नियुक्ति तथा उनके आवश्यक पंजीकरण की जांच की जाती है। सीएमओ ने कहा कि यदि किसी चिकित्सक द्वारा अपनी अधिकृत चिकित्सा पद्धति से बाहर जाकर उपचार करने या नियमों के विपरीत सेवाएं देने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान का निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी क्लीनिक और अस्पताल संचालकों से आवश्यक पंजीकरण एवं अनुमतियां सुनिश्चित करने की अपील की है। साथ ही आम लोगों से भी अवैध क्लीनिकों, अनधिकृत चिकित्सा सेवाओं और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की जानकारी विभाग को देने का आग्रह किया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल
