
नैनीताल/हल्द्वानी। नैनीताल जिले में 1 और 2 सितंबर को हुई भारी मानसूनी बारिश ने जिले के इंफ्रास्ट्रक्चर को खासा नुकसान पहुंचाया है। भारी बारिश के चलते सड़क, सिंचाई, पेयजल और विद्युत व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। जिलाधिकारी ललित मोहन रियाल ने बारिश से हुए नुकसान और प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की जानकारी दी है।
जिलाधिकारी के मुताबिक जिले में करीब 137 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण कई मार्ग बंद हो गए थे। प्रशासन और संबंधित विभागों की तत्परता के चलते नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे को तत्काल खोल दिया गया है, जबकि गांवों को जोड़ने वाले दो दर्जन से अधिक ग्रामीण मार्ग अभी भी बंद हैं। इन मार्गों को खोलने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
बारिश से जिले में 86 सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त हुई हैं। वहीं विद्युत व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है और 35 बिजली के पोल तथा एक ट्रांसफार्मर प्रभावित हुआ है। इसके अलावा करीब 95 पेयजल योजनाएं भी भारी बारिश की चपेट में आईं। प्रशासन के प्रयासों से इनमें से 74 पेयजल योजनाओं की आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि शेष योजनाओं को भी जल्द दुरुस्त करने का काम जारी है।
भारी बारिश के कारण करीब 60 मकानों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों के साथ ही नियमानुसार मुआवजे की कार्रवाई भी की जा रही है।
वहीं, गौला नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कई क्षेत्रों में भू-कटाव की स्थिति भी सामने आई है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा आवश्यकता के अनुसार मौके पर कार्रवाई की जा रही है।
बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी ला दी है। बंद ग्रामीण मार्गों को खोलने के साथ ही क्षतिग्रस्त पेयजल और सिंचाई योजनाओं को जल्द से जल्द बहाल करने की कवायद जारी है। प्रशासन का फोकस प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं की शीघ्र बहाली और लोगों को राहत पहुंचाने पर है।
