
रुद्रपुर/सितारगंज। तहसील सितारगंज में संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक को कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार किए जाने के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। राजस्व विभाग के कर्मचारी संगठनों ने विजिलेंस की कार्रवाई को अवैधानिक और नियमों के विरुद्ध बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है। संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष संयुक्त जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जांच पूरी होने से पहले संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ गिरफ्तारी या अन्य विधिक कार्रवाई जारी रही, तो 30 जुलाई से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
उत्तराखंड संग्रह अमीन संघ, उत्तराखंड लेखपाल संघ और उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ ने जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर को भेजे ज्ञापन में कहा है कि तहसील सितारगंज के वसूली कक्ष में संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा और सहायक राजस्व लेखाकार भूपेंद्र सिंह राणा राजस्व बकायेदार से सरकारी बकाया राशि की वसूली कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत रसीद जारी कर रहे थे।
कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि इसी दौरान विजिलेंस टीम ने सरकारी बकाया की वैधानिक वसूली के लिए ली जा रही धनराशि को रिश्वत मानते हुए ट्रैप की कार्रवाई कर दी। संगठनों का कहना है कि यह कार्रवाई कलेक्शन मैनुअल में निर्धारित प्रावधानों की सही जानकारी के अभाव में की गई है, जिससे राजस्व वसूली के कार्य में लगे कर्मचारियों का मानसिक उत्पीड़न हुआ है।
कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच राजस्व, पुलिस और वित्त विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित कर कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की गिरफ्तारी या अन्य विधिक कार्रवाई नहीं किए जाने की मांग की गई है।
संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रही, तो 30 जुलाई से प्रदेशभर के राजस्व कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
