
गदरपुर: थाना गदरपुर क्षेत्र में STF की एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स ने एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का खुलासा करते हुए नाबालिग के माध्यम से कराई जा रही हेरोइन तस्करी का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई उत्तराखंड में नए सशक्त BNS कानून के प्रभावी और संभवतः पहली बार सटीक प्रयोग के रूप में देखी जा रही है, जिसमें नशा तस्करों की बदली हुई मोडस ऑपरेंडी पर सीधा प्रहार किया गया है।

STF कुमाऊं यूनिट, रुद्रपुर ने थाना गदरपुर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक विधि विवादित किशोर से 112.3 ग्राम अवैध हेरोइन बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 33 लाख रुपये बताई जा रही है। पूछताछ में किशोर ने बताया कि उसे यह हेरोइन उसके पिता शाकिर अली उर्फ नकटा और मां शाईन ने दी थी और स्कूटी देकर पुलिया के पास खड़े एक व्यक्ति को सौंपने के निर्देश दिए गए थे।
आरोपी पिता शाकिर अली क्षेत्र का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर पहले से 9 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि उसकी पत्नी शाईन पर 6 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों पर कुल 15 आपराधिक मुकदमे दर्ज होने के बावजूद उन्होंने अपने नाबालिग पुत्र को नशा तस्करी में इस्तेमाल किया। STF ने इस मामले में NDPS एक्ट की धारा 8/21/60 के साथ-साथ धारा 95 BNS (समतुल्य) के तहत मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी अवैध कृत्य या अपराध में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे का उपयोग करना दंडनीय अपराध है।
माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड के ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF नवनीत भुल्लर के निर्देशों पर कुमाऊं यूनिट को प्रदेश भर में सघन निगरानी और कठोर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में CO परवेज अली के निर्देशन और प्रभारी निरीक्षक पावन स्वरूप के नेतृत्व में यह कार्रवाई अंजाम दी गई।
बरामदगी में 112.3 ग्राम अवैध हेरोइन के साथ एक टीवीएस NTORQ स्कूटी (UK 06 BF 2291) भी शामिल है। विधि विवादित किशोर को संरक्षण में लेकर उसके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई है, जबकि आरोपी माता-पिता को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। STF की यह कार्रवाई नशा तस्करों के लिए स्पष्ट संदेश है कि बच्चों को अपराध का जरिया बनाना अब भारी पड़ेगा।


