
हरिद्वार: कहते हैं कि पाप का घड़ा एक दिन फूटता ही है—यह कहावत मुंडलाना गोलीकांड में संलिप्त आरोपियों पर पूरी तरह चरितार्थ हुई है। पुरानी रंजिश के चलते गांव में दहशत फैलाने वाले आरोपियों को हरिद्वार पुलिस ने गिरफ्तार कर कानून के शिकंजे में कस दिया है।
वादी सतीश कुमार, निवासी ग्राम मुंडलाना द्वारा कोतवाली मंगलौर में दी गई तहरीर के अनुसार तीन व्यक्तियों ने आपसी रंजिश के चलते गाली-गलौच करते हुए उनके घर के ऊपर फायरिंग की थी। इस घटना से वादी के परिवारजनों के जीवन को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था और आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी गई। गोलीकांड के बाद ग्राम मुंडलाना एवं आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल व्याप्त हो गया था। बताया गया कि आरोपी पूर्व में भी लूटपाट के मामलों में जेल जा चुके हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद हरिद्वार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुपालन में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मंगलौर द्वारा थाना स्तर पर कई पुलिस टीमों का गठन किया गया और लगातार दबिशें दी गईं।
पुलिस की प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप दिनांक 06 जनवरी 2026 को मुकदमे से संबंधित दो अभियुक्तों एवं एक आरोपिता, पति-पत्नी सहित, को हिरासत में ले लिया गया। आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में नियमानुसार धाराओं की वृद्धि की गई है तथा अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हर्ष उर्फ बिगड़ा पुत्र बबलू, विशाल पुत्र बबलू तथा हर्ष उर्फ बिगड़ा की पत्नी शामिल हैं। सभी मूल रूप से ग्राम मेघा शकरपुर, थाना पुरकाजी, जनपद मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के निवासी हैं और वर्तमान में राजदीप कॉलोनी, सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर में रह रहे थे।
बरामद माल में तीनों आरोपियों से एक-एक अवैध तमंचा, एक-एक जिंदा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त एक बुलेट मोटरसाइकिल शामिल है। इस पूरी कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ उप निरीक्षक रफत अली, उप निरीक्षक राकेश डिमरी, उप निरीक्षक वीरपाल सिंह, उप निरीक्षक नीलम, हेड कांस्टेबल माजिद खान, कांस्टेबल सुधीर एवं कांस्टेबल अरविन्द की टीम ने अंजाम दिया।
हरिद्वार पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर आमजन में भरोसा बढ़ा है और अपराधियों को स्पष्ट संदेश गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।

