ऑपरेशन कालनेमि में बड़ी कार्रवाई: फर्जी दस्तावेजों के सहारे देहरादून में रह रही बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार

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देहरादून। माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देशों पर पूरे राज्य में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कालनेमि” अभियान के तहत दून पुलिस द्वारा अवैध रूप से नाम–पता बदलकर रह रहे लोगों के खिलाफ लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर कोतवाली पटेलनगर पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला को अवैध रूप से भारत में निवास करते हुए गिरफ्तार किया है।

पुलिस को थाना क्षेत्र अंतर्गत लोक संस्कृति कॉलोनी में एक महिला के अवैध रूप से रहने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने लोक संस्कृति कॉलोनी, पटेलनगर से सुबेदा बीबी पत्नी कौशर शाह को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान महिला ने अपना असली नाम सुबेदा बेगम पुत्री सादिक मियां निवासी ग्राम राजा कादुपुर, डाकघर मंदारकंडी, थाना बनियाचांग, बांग्लादेश बताया, जिसकी उम्र लगभग 40 वर्ष है।

तलाशी के दौरान अभियुक्ता के कब्जे से सुबेदा बीबी और मोनी के नाम से बने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, सुबेदा बीबी, मोनी और प्रिया रॉय के नाम से बने वोटर आईडी कार्ड, सुबेदा बीवी के नाम से आधार कार्ड व पैन कार्ड सहित अन्य फर्जी भारतीय दस्तावेज बरामद किए गए। इसके साथ ही सुबेदा बेगम के नाम से जारी एक बांग्लादेशी पहचान पत्र भी पुलिस को मिला है।

पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्ता अलग-अलग नामों से फर्जी दस्तावेज बनवाकर अवैध और अनाधिकृत रूप से भारत में निवास कर रही थी। इस पर कोतवाली पटेलनगर में मु.अ.सं. 13/2026 के तहत धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस, पासपोर्ट अधिनियम की धारा 3 तथा विदेशी अधिनियम की धारा 14 में मुकदमा दर्ज कर महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में अभियुक्ता ने बताया कि वह करीब चार वर्ष पूर्व कोविड काल के दौरान अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आई थी। इसके बाद वह लगभग दो वर्ष पश्चिम बंगाल में रही, जहां वर्ष 2022 में उसने पश्चिम बंगाल निवासी कौशर शाह से विवाह किया। करीब दो वर्ष पूर्व वह अपने पति के साथ देहरादून आ गई। देहरादून आने के बाद उसने अपने पति की मदद से रुड़की और देहरादून से अलग-अलग नामों से फर्जी भारतीय जन्म प्रमाण पत्र बनवाए और उनके आधार पर अन्य फर्जी दस्तावेज तैयार कराए।

अभियुक्ता ने यह भी बताया कि वह देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर किराए के मकानों में रहकर घरेलू कामकाज करती थी, जबकि उसका पति वर्तमान में दुबई में कार्यरत है। पुलिस अब फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में उसकी मदद करने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है, जिनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने बताया कि “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पहचान छुपाने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।


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