सहकारिता के नाम पर करोड़ों की ठगी, दो साल बाद मास्टरमाइंड दबोचे गए

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रामनगर/नैनीताल। जनपद नैनीताल पुलिस ने वर्ष 2023 से लंबित एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने “देवभूमि बहुदेशीय स्वायत्त सहकारिता” नामक संस्था के माध्यम से कई जनपदों के लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश कराकर गबन किया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टी.सी. द्वारा लंबे समय से लंबित गंभीर आपराधिक मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत अपर पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल, क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित सैनी तथा क्षेत्राधिकारी रामनगर सुमित पांडेय के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक रामनगर सुशील कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।

कोतवाली रामनगर में 13 जून 2023 को एफआईआर संख्या 246/23 धारा 409 आईपीसी के तहत दर्ज मामले की जांच के दौरान सामने आया कि वर्ष 2017 में हल्द्वानी के मुखानी स्थित कपिल कॉम्प्लेक्स और रामनगर में “देवभूमि बहुदेशीय स्वायत्त सहकारिता” संस्था खोली गई थी। आरोपियों ने उत्तराखंड सरकार से पंजीकरण का हवाला देकर अधिक ब्याज और गारंटी का लालच देकर अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल सहित कई जिलों के लोगों से भारी धनराशि निवेश कराई।

जांच में खुलासा हुआ कि हजारों निवेशकों से करीब 6 करोड़ 80 लाख रुपये एकत्र किए गए, जिसे संस्था के अध्यक्ष हेमचंद पंत और सचिव विकास दुर्गापाल ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर गबन कर लिया और फरार हो गए। जांच के दौरान दोनों शाखाएं बंद पाई गईं तथा आरोपियों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन की पुष्टि हुई। पुलिस ने न्यायालय से वारंट और कुर्की आदेश प्राप्त कर दिल्ली, हरियाणा और लखनऊ तक दबिश दी। इसके बाद 4 फरवरी 2026 को पुलिस टीम ने दोनों मुख्य आरोपियों को लालकुआं क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हेमचंद पंत पुत्र गोविंद बल्लभ पंत निवासी हरिपुर नायक कुसुमखेड़ा थाना मुखानी तथा विकास दुर्गापाल पुत्र खिमानंद दुर्गापाल निवासी एसकेएम स्कूल के पास देहरिया कोतवाली हल्द्वानी के रूप में हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों के खातों में क्रमशः 2 करोड़ 26 लाख रुपये और 4 करोड़ 58 लाख रुपये की धनराशि जमा हुई थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ अन्य थानों में भी धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं और गिरोह में अन्य लोगों की संलिप्तता की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस टीम में उपनिरीक्षक दीपक सिंह बिष्ट, कांस्टेबल आनंदपुरी और कांस्टेबल जितेंद्र बिष्ट शामिल रहे। इस सफल कार्रवाई पर एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टी.सी. ने पुलिस टीम को 2500 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।

एसएसपी नैनीताल ने आमजन से अपील की है कि अधिक लाभ के लालच में आकर किसी भी निवेश योजना में धन लगाने से पहले संस्था के पंजीकरण और वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ठगी की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि नैनीताल पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


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