
हल्द्वानी: उत्तराखंड के सबसे व्यस्त अस्पतालों में से एक, सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को एक नई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में ओपीडी से मिलने वाली दवाइयों के लिए बनाए गए मेडिकल स्टोर को जगह की कमी के कारण मुख्य द्वार के बाहर शिफ्ट कर दिया गया है, लेकिन वहां बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है।

मेडिकल स्टोर के आगे लगी सीमित छत मरीजों की भारी संख्या के मुकाबले बेहद अपर्याप्त है। बरसात के मौसम में मरीज, महिलाएं और छोटे बच्चे घंटों तक दवाई के इंतज़ार में बारिश में भीगने को मजबूर हो रहे हैं। इससे मरीजों की हालत और बिगड़ने की आशंका बढ़ जाती है।
“हम इलाज कराने आते हैं, लेकिन दवाई लेने के लिए फिर से बीमार होना पड़ता है,” एक मरीज ने नाम न छापने की शर्त पर कहा। उन्होंने बताया कि कई बार बारिश इतनी तेज होती है कि दवाइयों के पर्चे और दवाएं भीग जाती हैं।
स्थानीय लोगों और मरीजों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को इस दिशा में जल्द ही उचित कदम उठाने चाहिए। कम से कम मेडिकल स्टोर के बाहर एक स्थायी वॉटरप्रूफ शेड या प्रतीक्षालय बनाया जाना चाहिए, ताकि बारिश और धूप से बचाव हो सके।



