
हल्द्वानी। बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में पुनर्वास प्रक्रिया ने अब रफ्तार पकड़ ली है। शुक्रवार से प्रभावित क्षेत्र में पुनर्वास कैंपों का संचालन शुरू हो गया है, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचकर योजना का लाभ लेने के लिए फॉर्म भर रहे हैं।

प्रशासन की ओर से कैंपों को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तराखंड के सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों, पार्षदों और याचिकाकर्ताओं से भी संवाद किया।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि न्यायालय के आदेशों के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है। फॉर्म वितरण की प्रक्रिया तीन दिन पहले ही शुरू कर दी गई थी और अब तक 4000 से अधिक फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं।
ईद पर रहेगा विराम
प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए ईद के मौके पर एक दिन के लिए कैंप बंद रखने का निर्णय लिया है, ताकि लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकें। इसके अगले दिन से कैंपों का संचालन फिर से पूरी सक्रियता के साथ शुरू कर दिया जाएगा।
अफवाहों से रहें दूर: प्रशासन
प्राधिकरण सचिव ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया केवल प्रभावित लोगों की सहायता और उनके सामाजिक-आर्थिक आंकलन के लिए है, जिसका किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है।
प्रशासन द्वारा एकत्रित किए जा रहे आंकड़ों को रिपोर्ट के रूप में न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर आगे उचित निर्णय लिया जा सके।


