
हल्द्वानी। पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने और दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित व प्रभावी सहायता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत हल्द्वानी में फर्स्ट रिस्पांडर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप में परिवहन विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।

वर्कशॉप के दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। इसके साथ ही टैक्सी चालकों को वाहन में आग लगने की स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में वाहन दुर्घटना की स्थिति में घायलों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) देने का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि हादसे के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम होते हैं और सही फर्स्ट एड से कई जिंदगियों को बचाया जा सकता है। इसी क्रम में टैक्सी चालकों को फर्स्ट एड किट भी वितरित की गई।
पुलिस अधिकारियों ने इस अवसर पर सड़क यातायात को और अधिक सुरक्षित बनाने का संकल्प लेते हुए आम जनता से नियमों के पालन में सक्रिय भागीदारी की अपील की। वहीं परिवहन अधिकारियों ने यातायात नियमों की जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सुरक्षित यात्रा को ध्यान में रखते हुए वर्कशॉप के दौरान टैक्सी चालकों का हेल्थ चेकअप भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर कुमाऊं मंडल के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की वर्कशॉप आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम किया जा सके।
यह पहल सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आपात स्थितियों में त्वरित मदद सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।


